
– नाहिद खान साथ में
-हिमांशु तिवारी, फिल्म एडिटर नई दिल्ली – बॉलीवुड में कुछ दिन पहले आई 12th Fail फिल्म आईपीएस अफसर मनोज शर्मा और श्रद्धा जोशी के जीवन पर बनी थी,जिसे दर्शको ने खूब पसंद किया था। ऐसे ही देश के एक और आईपीएस अफसर की कहानी पर फिल्म देखने को मिलेगी।
राजधानी दिल्ली के क्राइम ब्रांच में तेज़ तर्रार आईपीएस अफसर डा० राम गोपाल नाईक के जीवन पर बॉलीवुड में एक और फिल्म के निर्माण की तैयारी हो रही है। जिसमे उनकी अपराधियों के चंगुल से एक किडनैप बच्चे को बचाने से लेकर सीबीएसई पेपर लीक और दो दशकों से फरार क्रिकेट सट्टेबाज़ संजीव चावला को विदेश से भारत प्रत्यर्पण करने जैसे चर्चित मामलो को फिल्म में दिखाया जायेगा। इस फिल्म में ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ फेम इमरान ज़ाहिद मुख्य भूमिका निभाने जा रहे है।


नया साल फिल्म अभिनेता इमरान ज़ाहिद के लिये खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है, चैलेंजिंग भूमिका के लिये उनकी नई पारी की शुरुआत है। जिस तरह उन्होंने ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ में आम युवाओ के भीतर आईएएस अफसर बनने का जोश भरा था। अब वैसे ही आईपीएस की असल ज़िन्दगी की कहानी को बॉलीवुड के परदे पर उतार कर आईपीएस पर आने वाली परेशानियों से रूबरू करायेंगे।
इमरान ज़ाहिद किसी परिचय के मोहताज नहीं है, बोकारो से आये इस युवा ने बॉलीवुड में अपना अलग मुकाम बनाना शुरू कर दिया है। फिल्मकार महेश भट्ट के करीबी इमरान ज़ाहिद ने उनकी फिल्म ‘अर्थ’ ‘डैडी’ और ‘हमारी अधूरी कहानी’ में बेहतरीन अभिनय किया था। इसके बाद ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ में बिहारी आईएएस अफसर अभय शुक्ला की दमदार भूमिका में खूब तारीफ़ बटोरी थी।
‘इंडिया नज़र’ से बातचीत करते हुए अभिनेता इमरान ज़ाहिद बताते है कि ”वो चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को स्वीकार करके कुछ अलग करना चाहते है। अफसर हो या आम इन्सान जब आप उसकी ज़िन्दगी में झाकते है, उससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है उसकी ज़िन्दगी का एक एक पन्ना आपके सामने किसी चलचित्र की तरह दिखने लगता है। ऐसे में उसे समझना आपके लिये आसान हो जाता है।”

इमरान ज़ाहिद कहते है कि अपनी नई भूमिका के लिये वो आईपीएस अफसर डा० राम गोपाल नाईक से जुड़े हर पहलुओं पर रिसर्च कर रहे है। जिससे वो भूमिका को जीवंत निभा सके। आईपीएस अफसर के जिम्मे आमजन की सुरक्षा का दायित्व होता है। आईपीएस अफसर डा० राम गोपाल नाईक ने किस तरह से अपराधियों से लोहा लिया था,यह जानना मेरे लिये बहुत ज़रूरी है। मेरी कोशिश होगी इस भूमिका में मैं न्याय कर सकूँ और दर्शको की पसंद बन सकूँ। उनका कहना है कि मेरी भूमिका बॉलीवुड की सिंघम फिल्म के पुलिस अधिकारी की नहीं बल्कि रियल लाईफ पुलिस अफसर की होगी।

वही आईपीएस अफसर डा० राम गोपाल नाईक अपने ऊपर बन रही फिल्म को लेकर काफी उत्साहित है। उन्हें अंदाज़ा नहीं था कोई उनके जीवन पर भी फिल्म बनायेगा। उनका मानना है सच को किसी फिल्म के खाचे में ढालना और उसे बनाकर परोसना आसान नहीं होता है। फिल्म के निर्माता और लेखक ने इसे चुना है तो ज़रूर कुछ अदभुत होगा। इससे पुलिस की सकारात्मक काम की तस्वीर भी उभरेगी। साथ ही पुलिस के उन पहलुओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचेगी कि पुलिस का काम इतना आसान नहीं होता, जैसा कि समझा जाता है।
आपको बता दे कि डा० राम गोपाल नाईक आईपीएस अफसर बनने से पहले एमबीबीएस डाक्टर थे। लेकिन आईपीएस अफसर बनने के उनके जूनून ने उन्हें 2002 आईपीएस बना दिया और वो पुलिस सेवा में शामिल हो गये। उनके किस्से अनगिनत है फिल्म में कितने जोखिमपूर्ण कहानियों को स्थान मिलता है यह तो आने वाली फिल्म में देखने को मिलेगा।

फिलहाल फिल्म के टाईटल को लेकर अभी मंथन चल रहा है लेकिन ‘नायक’ नाम रखने की चर्चा है। फिल्म की कास्टिंग और लोकेशन को लेकर अभी ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन दिल्ली में शूट होने की सम्भावना है। कास्टिंग में थियेटर कलाकारों को वरीयता मिलने की बात कही जा रही है। साऊथ के कलाकारों को भी जोड़ा जा रहा है, डा० राम गोपाल नाईक साऊथ से है। डा० राम गोपाल नाईक पुलिस में कड़क लेकिन दिल से बहुत कोमल है पुलिसकर्मियो के बीच अपना डाकटर वाला किरदार भी निभाते रहे है।
जो भी अभिनेता इमरान ज़ाहिद के लिये नया साल और नई फिल्म ज़रूर उनकी सफलता का एक ‘डायमंड’ साबित होगी।





















