
काशीपुर – अवैध खनन के कारोबार में अब प्रतिस्पर्धा की जंग शुरू हो गयी है, नैनीताल जिले में पहाड़ों का सीना चीर कर पोपलेन मशीनों से अवैध खनन कर मैदानी क्षेत्रों में मंहगी कीमतों पर बेचने को लेकर ऊधमसिंह नगर के खनन कारोबारियों ने नैनीताल जिले के खनन कारोबारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जबकि ऊधमसिंह नगर जिले में भी नदियों को खोदकर अवैध खनन का कारोबार जमकर फलफूल रहा है, वहीं अब खनन कारोबारियों में मूल्य निर्धारण को लेकर आपस की तकरार शुरु हो गयी है, और इस तकरार में खनन कारोबारियों ने प्रशासन की भी पोल खोल कर रख दी है।
अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और प्रशासन भले ही लगाम लगाने की बात करते हो, लेकिन हकीकत तो ये है कि अवैध खनन का कारोबार मिलीभगत से जमकर फलफूल रहा है, नैनीताल जिले में हो रहे अवैध खनन के उपखनिज को सस्ती कीमतों पर दूसरी जगह बेचने को लेकर ऊधमसिंह नगर के खनन कारोबारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है, जिसके चलते खनन कारोबारियों में अधिकारियों के सामने ही तकरार भी होता रहा है।
वहीं मूल्यों को लेकर लगातार खनन कारोबारियों में होती तकरार में अधिकारियों की मिलीभगत भी कई बार सामने आ चुकी है, यही नहीं जिले में अवैध खनन का कारोबार जमकर चल रहा है और अवैध खनन पर नकेल कसने की बात करने वाले अधिकारियों की सच्चाई भी ट्रांसपोर्टरों के आंदोलन से उजागर हो चुकी है, ट्रांसपोर्ट जहां आपस में मूल्यों को लेकर आपस में लड रहे हैं वहीं उनकी इस जंग से पुलिस और प्रशासन की भी पोल खुल कर सामने आ गयी है।
वहीं अब खनन के कारोबार से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने मोर्चा खोलते हुए स्टोन क्रेशरों पर आरोप लगाया है कि स्टोन क्रेशर उनके उपखनिज का उचित मूल्य नहीं दे रहे, और प्रशासन की मिली भगत से ओवरलोड वाहनों से दूसरे इलाको में उपखनिज बेचा जा रहा है।
काशीपुर के कुंडेश्वरी चौकी क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर यूनियन से जुड़े लोगों ने धरना प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि नैनीताल क्षेत्र में पोकलैंड मशीन से हो रहे खनन के बाद खनन सामग्री लेकर काशीपुर आ रहे वाहनों पर रोक लगाई जाए जिससे काशीपुर में खनन कार्य से जुड़े मजदूरों और ट्रांसपोर्टरों के व्यापार पर भारी प्रभाव पड रहा है।
बहरहाल ट्रांसपोर्टरों के आंदोलन से ये तो जाहिर हो चुका है कि नैनीताल और उधम सिंह नगर जिले में अवैध खनन का कारोबार जमकर फलफूल रहा है, और पुरी तरह से पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से इस कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, जबकि जंग भले ही अवैध खनन के खनन सामग्री के मूल्य को लेकर छिड़ी हो, लेकिन कारोबारियों के आंदोलन से ये तो जाहिर हो चुका है कि ओवरलोड और अवैध खनन जमकर चल रहा है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर पुलिस और प्रशासन आंखें मूंदे हैं।





















