
– थानाध्यक्ष विघादत्त जोशी को लूट खुलासे पर किया सम्मानित
– फूलों की वर्षा से आईटीआई थाने की पुलिस को दिया सम्मान
– चंद घंटों किया था लूट का खुलासा
– अज़हर मलिककाशीपुर – फूल मालाओं से पुलिस का सम्मान और पुलिस के अच्छे कामो के कसीदे अगर पढ़े जा रहे हों, तो जाहिर है कि पुलिस के कार्यों की सराहना हो रही है, यूं तो पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगते रहे हैं। लेकिन पुलिस का फूलों से स्वागत हो ऐसा कम ही देखा जाता है। आज हम आपको दिखाएंगे ऊधमसिंह नगर के किस थानाध्यक्ष का फूलों से हुआ स्वागत और कैसे लोगों ने पुलिस के कार्यो की सराहना की, देखिये हमारी ये रिपोर्ट :-

चंद घंटों में लूट जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले शातिर बदमाशों को हिरासत में लेकर जेल भेजने वाले पुलिस के जवानों को स्थानीय लोगों ने सम्मानित करते हुए उनकी कार्यकुशलता की जमकर सराहना की, यूं तो पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगते रहे हैं, लेकिन कई बार पुलिस की कार्यकुशलता से जनता का सम्मान भी मिलता है, कुछ ऐसा
ही सम्मान मिला आईटीआई पुलिस को, जिनको जनता ने उस वक्त सर आंखों पर बिठा दिया, जब हथियारबंद बदमाशों को पुलिस ने वारदात के चंद घंटों में ही हिरासत में लेकर तीन बड़ी लूट की वारदातों का खुलासा कर दिया।
दरअसल काशीपुर में हथियारबंद बदमाशों दिन दहाड़े ज्वैलरी शॉप पर लूट की वारदात को अंजाम देने आये थे, लेकिन दुकानदार महिला और उसकी 12 साल की बेटी की बहादुरी से बदमाशों के मंसूबों पर पानी फिर गया। यही नहीं, स्थानीय लोगों ने भी हिम्मत दिखाकर बदमाशों का खुलकर मुकाबला किया और भागने पर मजबूर कर दिया, वहीं इस पूरी वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस ने जिस तत्परता से बदमाशों को शिकंजे में लिया उससे पुलिस की कार्यशैली की जमकर सराहनी भी हो रही है।
पूरी वारदात से जहां माहौल दहशत भरा हो गया था, वहीं थानाध्यक्ष की कार्यकुशलता से चंद घंटों में पूरी घटना का खुलासा करते हुए दो अन्य घटनाओं का भी इन्ही बदमाशों के द्वारा किया जाना बताया जा रहा है, जबकि जनपद की दो अन्य लूट की वारदातों का लम्बे समय से पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पा रही थी, इस लूट की वारदात के बाद हत्थे चढे चारों बदमाशों ने रुद्रपुर और किच्छा में की गयी बडी लूट की वारदातों को भी स्वीकार किया है।
वहीं पुलिस ने दुकानदार महिला और उसकी 12 साल की बेटी के साथ ही एक अन्य व्यक्ति की बहादुरी के लिए आईटीआई थाने में सम्मानित किया साथ ही 12 साल की बच्ची की बहादुरी के लिए उच्च अधिकारियों से सम्मानित करने के लिए प्रस्ताव रखा है।
बहरहाल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाना बेहद ही आसान है, लेकिन दिन रात सजग प्रहरी की तरह सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी किन कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं इसका सहज ही कोई अंदाजा लगा सकता है। लेकिन जिस तरह से आईटीआई पुलिस को जनता ने सम्मानित कर फूल मालाओं से उनका मनोबल बढ़ाया है निश्चित तौर पर इससे जनता में पुलिस की छवि जहां बेहतर होगी वहीं पुलिस कर्मियों का भी हौसला बढेगा।





















