
– उवेस सिद्दीकी
हल्द्वानी – अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक धमक रखने वाली सबकी प्रिय दीदी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृद्येश अब नहीं रही। उन्होंने दिल्ली में अंतिम साँस ली और सबको रोता बिलखता छोड़ गई। वो दिल्ली में कांग्रेस संघठन की बैठक में हिस्सा लेने गई थी,उन्हें अचानक आज हार्ट अटैक पड़ा,जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया ,उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। कांग्रेस ने इंदिरा हृद्येश के रूप में अपना बड़ा नेता खो दिया है। उनके पार्थिव शरीर को हल्द्वानी लाया जा रहा है। उनके निवास पर उनको श्रद्धांजलि देने वालो का ताँता लगा हुआ है।
इस दौरान अस्पताल मे उनके पुत्र सुमित ह्रदयेश समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद थे। वो अस्सी साल की थी,इसके बाबजूद वो राजनीति में लगातार सक्रिय थी और राज्य की कद्दावर नेताओं में शुमार थी। इंदिरा हृदयेश के निधन की खबर से पूरे सूबे में शोक की लहर है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश उत्तराखंड सदन नई दिल्ली में ठहरी हुईं थीं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी उत्तराखंड सदन में ही थे, उन्होंने बीते रोज प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के साथ बैठक में शिरकत भी की थी। अचानक ऐसा होने से सभी सदमे में है।
शिक्षक नेता के रूप में राजनीति में अपनी पारी की शुरुआत करने वाली इंदिरा हृदयेश ने कभी पलट कर नहीं देखा और वो उत्तर प्रदेश जैसे अविभाजित बड़े राज्य में शिक्षक नेता के रूप में स्थापित हुई। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओ के लिये काफी काम किया। उत्तर प्रदेश के दिवगंत मुख्यमंत्री हेमवतीनंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी सरीखे नेताओ के आशीर्वाद लेकर वो राजनीति में आयरन लेडी के नाम से मशहूर हो गई थी। कांग्रेस को मज़बूत करना हो या कोई जनहित के समस्या वो उसे गंभीरता से लेकर उसका समाधान कराती थी। उनके निधन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत,कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत,त्रिवेंद्र सिंह रावत, कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक समेत सभी राजनीतिक दल के तमाम नेताओं ने शोक जताया है।





















