
– विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए सरकार का ध्यान किया आकर्षित
– 23 वर्षों से भूमिधरी अधिकारों से वंचित परिवारों को अधिकार दिलाने एवं क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की उठाई मांग
– इंडिया नज़र ब्यूरो देहरादून/किच्छा – विधानसभा क्षेत्र किच्छा के अंतर्गत धौराडाम क्षेत्र में निवासरत परिवारों की भूमि संबंधी समस्याओं एवं भूमिधरी अधिकारों का मुद्दा विधायक तिलक राज बेहड़ ने विधानसभा सदन में नियम 300 के अंतर्गत उठाया।मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए इस विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए ।
विधायक बेहड़ ने सदन के माध्यम से सरकार को अवगत कराया कि धौराडाम क्षेत्र में अनेक परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं, लेकिन लगभग 23 वर्षों से भूमिधरी अधिकारों से संबंधित समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसके चलते प्रभावित परिवारों को अपनी भूमि के अधिकारों को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला हजारों लोगों के जीवन, आजीविका और भविष्य से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी अधिकारों का स्पष्ट न होना प्रभावित परिवारों के लिए गंभीर समस्या है। ऐसे में आवश्यक है कि सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभिलेखों एवं प्रकरणों का परीक्षण कराए तथा पात्र परिवारों को नियमानुसार उनके भूमि संबंधी अधिकार दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करे। इन सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी समस्याओं के कारण प्रभावित परिवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसलिए सरकार को इस मामले में सकारात्मक पहल करते हुए पात्र परिवारों को राहत देनी चाहिए जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिले।
बेहड़ ने सरकार से मांग की कि धौराडाम क्षेत्र के भूमिधरी अधिकारों से जुड़े मामले का प्राथमिकता से परीक्षण कराकर उचित समाधान निकाला जाए तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उनके अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बेहड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंहे इस सम्बन्ध में दिनांक 25-04-2025 को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है और मांग की गयी कि धौराडाम को परिसंपत्तियों बंटवारे में उत्तराखंड में शामिल किया जाए, क्योंकि डाम का यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के अधीन आता है समय-समय पर उत्तर प्रदेश के द्वारा विशेष रूप से बरसातों में जब बारिश का समय होता है तब पानी डाम में भर जाता है। लोगों की सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती है लोगों के खेंतो व घरों में पानी भर जाता है और जिससे उनको कई बार पलायन भी करना पड़ता है, ऐसे कई सारे और भी क्षेत्र मेरी किच्छा विधानसभा में आते हैं जैसे की खुर्पिया,तुर्कागौरी,गौरीकलां, किच्छा तहसील के अंतर्गत शांतिपुरी नंबर-05 आदि ग्राम आते है
बेहड़ ने उम्मीद जताई कि विधानसभा में मामला उठाए जाने और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सरकार का ध्यान आकर्षित किए जाने के बाद इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा प्रभावित परिवारों को राहत मिल सकेगी।

























