– किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने राज्य निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल, बोले—विपक्ष खुद मतगणना की मांग कर रहा, फिर भी तारीख घोषित नहीं की जा रही
– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर/किच्छा – किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। हाई कोर्ट की खंडपीठ द्वारा मतगणना पर लगी रोक हटाये जाने के बाद भी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अब तक मतगणना का कार्यक्रम जारी नहीं किए जाने पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना बताते हुए कहा कि यदि जल्द मतगणना की तारीख घोषित नहीं की गई तो वह इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख करेंगे।
किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने नगर पालिका अध्यक्ष पद के कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। बेहड़ ने कहा कि 22 सितंबर को किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। इसके बाद 24 सितंबर को उत्तराखंड हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने मतगणना स्थगित करने संबंधी राज्य निर्वाचन आयोग की संशोधित अधिसूचना पर रोक लगाते हुए मतगणना का रास्ता साफ किया था।

बेहड़ ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह दोनों नगर पालिकाओं की मतगणना के लिए कार्यक्रम जारी करे। उनका आरोप है कि आदेश के बावजूद अभी तक मतगणना की तारीख घोषित नहीं की गई है, जिससे चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों और मतदाताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में यह पहला ऐसा मामला है, जब विपक्ष स्वयं मतगणना कराने की मांग कर रहा है। बेहड़ ने कहा कि चुनाव हो चुका है, जनता अपना मत दे चुकी है, ऐसे में अब मतगणना कराकर जनादेश सामने लाया जाना चाहिए।
किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी यदि मतगणना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाती है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं होगा। बेहड़ ने निर्वाचन आयोग से मांग की कि किच्छा और सिरौली कलां दोनों नगर पालिकाओं में हुए चुनाव की मतगणना के लिए तत्काल शेड्यूल जारी किया जाए।

कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने भी मतगणना में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनता के जनादेश को सामने आने से रोक रही है।
राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि चुनाव में जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर दिया है और अब सभी प्रत्याशियों को परिणाम का इंतजार है। उन्होंने कहा कि चुनाव का परिणाम जो भी होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा, लेकिन मतगणना की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले 22 सितंबर को मतदान और 24 सितंबर को मतगणना का कार्यक्रम निर्धारित किया था। हालांकि, मतदान से पहले आयोग ने मतगणना को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया था। इसके बाद हाई कोर्ट में मामला पहुंचा और 24 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मतगणना स्थगित करने संबंधी संशोधित अधिसूचना पर रोक लगा दी। अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि जब मतदान हो चुका है तो मतगणना पर रोक क्यों लगाई गई।
अब विधायक तिलक राज बेहड़ और कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह की मांग है कि निर्वाचन आयोग बिना देरी किए मतगणना की तारीख घोषित करे, ताकि किच्छा और सिरौली कलां के मतदाताओं का जनादेश सामने आ सके।

















