– लालच, भय और झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में खटीमा और नानकमत्ता में मुकदमे दर्ज, निष्पक्ष जांच के निर्देश
– इंडिया नज़र ब्यूरो
रुद्रपुर – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जनपद ऊधमसिंहनगर पुलिस धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति भय, दबाव, लालच अथवा झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हाल ही में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में धर्मांतरण से जुड़े तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में वादी रामपाल ने कोतवाली खटीमा में तहरीर देकर आरोप लगाया कि जय सिंह राणा, द्रोपती राणा और पास्टर सुनील जार्ज द्वारा प्रार्थना सभाओं के माध्यम से हिंदू धर्म के विरुद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा था। साथ ही बीमारी ठीक करने का झांसा और आर्थिक सहायता का लालच देकर परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरे मामले में थाना नानकमत्ता क्षेत्र निवासी सोहन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि गौरी सिंह और उसके सहयोगियों द्वारा गांव में चर्चनुमा ढांचा बनाकर मसीह धर्म का प्रचार किया जा रहा था। आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बदले पांच लाख रुपये का प्रलोभन दिया गया और परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। इस मामले में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है।
तीसरे मामले में अंकित सिंह राणा ने आरोप लगाया कि पास्टर दान सिंह राणा द्वारा थारू समाज के लोगों को गुमराह करते हुए हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाने तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के नाम पर झूठे प्रलोभन देकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और प्रताड़ित किया जा रहा था। इस मामले में भी कोतवाली खटीमा में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अजय गणपति ने निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। एसआईटी का पर्यवेक्षण पुलिस उपाधीक्षक विभव सैनी द्वारा किया जाएगा। टीम में संबंधित विवेचक, थाना प्रभारी और एसओजी की सर्विलांस टीम को भी शामिल किया गया है।
– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जनपद ऊधमसिंहनगर पुलिस धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति भय, दबाव, लालच अथवा झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हाल ही में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में धर्मांतरण से जुड़े तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में वादी रामपाल ने कोतवाली खटीमा में तहरीर देकर आरोप लगाया कि जय सिंह राणा, द्रोपती राणा और पास्टर सुनील जार्ज द्वारा प्रार्थना सभाओं के माध्यम से हिंदू धर्म के विरुद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा था। साथ ही बीमारी ठीक करने का झांसा और आर्थिक सहायता का लालच देकर परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरे मामले में थाना नानकमत्ता क्षेत्र निवासी सोहन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि गौरी सिंह और उसके सहयोगियों द्वारा गांव में चर्चनुमा ढांचा बनाकर मसीह धर्म का प्रचार किया जा रहा था। आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बदले पांच लाख रुपये का प्रलोभन दिया गया और परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। इस मामले में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है।
तीसरे मामले में अंकित सिंह राणा ने आरोप लगाया कि पास्टर दान सिंह राणा द्वारा थारू समाज के लोगों को गुमराह करते हुए हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाने तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के नाम पर झूठे प्रलोभन देकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और प्रताड़ित किया जा रहा था। इस मामले में भी कोतवाली खटीमा में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अजय गणपति ने निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। एसआईटी का पर्यवेक्षण पुलिस उपाधीक्षक विभव सैनी द्वारा किया जाएगा। टीम में संबंधित विवेचक, थाना प्रभारी और एसओजी की सर्विलांस टीम को भी शामिल किया गया है।
एसएसपी अजय गणपति का कहना है कि “जनपद पुलिस कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी व्यक्ति को भय, दबाव, लालच या धोखाधड़ी के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आमजन से अपील है कि यदि कहीं भी इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।”




















