– सुनारीका गोल्ड एन्ड डायमंड के एमडी बोले – गोल्ड रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिले तो रोजगार और अर्थव्यवस्था दोनों होंगे मजबूत
– इंडिया नज़र ब्यूरो
रुद्रपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में दिए गए सोने की खरीद को लेकर बयान पर देशभर में चर्चा जारी है। कई लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन रुद्रपुर स्थित सुनारीका गोल्ड एन्ड डायमंड के एमडी प्रदीप बंसल ने प्रधानमंत्री के बयान को देशहित और आर्थिक संतुलन से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश बताया है।
प्रदीप बंसल का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य को गलत संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य नागरिकों को स्थायी रूप से सोना खरीदने से रोकना नहीं, बल्कि विदेशों से होने वाले अत्यधिक सोना आयात को नियंत्रित करने की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात किया जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर प्रभाव पड़ता है। यदि कुछ समय के लिए सोने की खरीद में कमी आती है और देश में उपलब्ध पुराने सोने की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जाता है, तो इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि सर्राफा व्यवसाय से जुड़े करोड़ों लोगों को रोजगार भी प्रभावित नही होंगें।
प्रदीप बंसल ने बताया कि भारत देश सोने की चिड़िया है। सरकार से अपील करते हुए कहा कि देश के नागरिकों के घरों में लगभग 20 हज़ार टन से अधिक सोना है। यदि सरकार गोल्ड रीसाइक्लिंग नीति को प्रभावी ढंग से लागू करे और लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए, तो देश में सोने की मांग का बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर ही पूरा किया जा सकता है। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत में सोना केवल निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि देशहित में नागरिक कुछ समय के लिए संयम दिखाते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।
प्रदीप बंसल का कहना है कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बयान को गलत तरीके से नहीं समझना चाहिए। उनका मंतव्य सोने की खरीद पूरी तरह रोकने का नहीं, बल्कि विदेशों से होने वाले अत्यधिक सोना आयात को कम करने का है। यदि देश में गोल्ड रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जाए तो विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा, सर्राफा उद्योग को गति मिलेगी और करोड़ो लोगों का रोजगार बना रहेगा। प्रधानमंत्री जी की यह सोच आत्मनिर्भर भारत और मजबूत अर्थव्यवस्था की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है।”




















